संता का आईडिया!
संता और बंता ठहाके लगाते हुए रात को पैदल घर की तरफ जा रहे थे उनके पास ऑटो में जाने के लिए भी पैसे नहीं थे!
जब वे दोनों बस स्टॉप के साथ से निकले तो संता के दिमाग में एक शैतानी आईडिया आया उसने बंता से कहा मैं एक बस चुरा कर लाता हूँ और उसमें घर चलते है तुम बस स्टॉप के बाहर खड़े हो जाओ!
काफी देर तक संता नहीं आया तो बंता परेशान होकर बस स्टैंड के अन्दर चला गया और देखा तो संता एक एक कर सारी बसें देख रहा था तब संता एक बस में चढ़ा!
बंता ने उसे आवाज देकर कहा अरे क्या कर रहा है?
संता ने कहा अरे यार मुझे कहीं भी 25b नम्बर की बस नहीं मिल रही है जो हमारे घर जाती है!
बंता ने कहा तो तुम इस 27 नम्बर की बस में क्यों चढ़ रहे हो ये तो हमें घुमावदार चौक से ले जाकर शहर के बाहर छोड़ेगी और वहां से फिर हमें पैदल घर आना पड़ेगा!



