क्लीन विज़ुअल्स



आलसीपन की हद

आलसीपन की हद

अब जो आदमी इस काम के लिए भी खड़ा नहीं हो सकता हो तो उसे आलसियों का राजा बना देना चाहिए।

सच्ची भावनायें!

सच्ची भावनायें!

इन भाई साहब ने तो अपनी सच्ची भावनायें बता दी हैं!

मोबाइल ज़रूरी है!

मोबाइल ज़रूरी है!

इस भाई साहब के लिए खाने से ज़्यादा ज़रूरी मोबाइल है, तभी तो यह हाल है!

मोबाइल टॉयलेट

मोबाइल टॉयलेट

स्वछता में कुछ योगदान यह टॉयलेट बनाने वाला का भी है।

इंसानियत नाम की चीज़!

इंसानियत नाम की चीज़!

अगर इंसानियत खत्म हो गयी है तो और ले आते हैं।

समझदार को इशारा काफी है!

समझदार को इशारा काफी है!

कहने को तो यह चेतावनी का बोर्ड है लेकिन इशारा कुछ और ही कहता है।

धमकी या चेतवानी!

धमकी या चेतवानी!

सीधी-सीधी बात है, कोई बकवास नहीं!

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